*मुक्त-मुक्तक : 165 - इन लोगों का पेट............

इन लोगों का पेट जन्म से इक दिन भरा नहीं है ॥
लगते हैं सारे मुर्दे पर कोई मरा नहीं है ॥
ये भुखमरी कुपोषण का है सिर्फ़ एक मंजर ,
ऐसे लाखों दृश्य हैं जिनसे खाली धरा नहीं है ॥
 -डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

Popular posts from this blog

विवाह अभिनंदन पत्र

विवाह आभार पत्र

सिर काटेंगे