*मुक्त-मुक्तक : 164 - मेरी आँखों को...............


मेरी आँखों को सुकूँ 
चैन-ओ-क़रार मिले ॥
मौत से पहले अगर 
आपका दीदार मिले ॥
तड़पते दिल को भी मिल जाये
 राहत-ओ-आराम ,
बोसा होठों का 
गले बाजुओं का हार मिले ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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