*मुक्त-मुक्तक : 143 - जितना हुआ है..................


जितना हुआ है सारा 
वो ख़र्च कमा लेंगे ॥
शीराज़ा बिखरा बिखरा 
हम फ़िर से जमा लेंगे ॥
मेहनत में कोशिशों में 
न कमी उठा रखेंगे ,
रूठा हुआ मुक़द्दर 
इक रोज़ मना लेंगे ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

Pravin Vajpayee said…
"तरीके" का तिलस्म भी अब क्या बता देंगे.............................????
धन्यवाद ! Pravin Vajpayee जी !

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