*मुक्त-मुक्तक : 142 - ज़िंदगानी में....................


ज़िंदगानी में ख़ुदारा मत ख़लल करना ॥
अपने दिल से मत कभी भी बेदख़ल करना ॥
प्यार है हासिल तेरा तो सब हसीं लगता ,
तोड़ने की मुझसे रिश्ता मत पहल करना ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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