*मुक्त-मुक्तक : 98 - घर खुला रखना है...........


घर खुला रखना है 
चोरों से बचाना भी !!
छेद गुब्बारों में करके 
फ़िर फुलाना भी !!
ये अजब तूने सुनाया 
हुक़्म ऐ अहमक़ ,
हकलों को गाना है 
बहरों को सुनाना भी !!
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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