*मुक्त-मुक्तक : 132 - भूखे के आगे मत.............


भूखे के आगे मत उड़ा 
बू–ए-क़बाब को ॥
 मैकश हूँ मेरे सामने 
मत ला शराब को ॥
मत इम्तहान ले मेरे 
सब्रो करार का ,
वीराँ में रख छुपा 
नक़ाब में शबाब को ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

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