*मुक्त-मुक्तक - 129 - तुमको शायद लगे............

तुमको शायद लगे अजीब या थोड़ा गंदा ॥
हमने सोचा है अपना एक अलग ही धंधा ॥
राह लेकिन न किसी को गलत बताएँगे ॥
सबको उँगली पकड़ ठिकाने हम लगायेंगे ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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