*मुक्त-मुक्तक : 116 - मरने न देना..............


मरने न देना , पल-पल
जीना हराम करना ॥
वो बलात्कारी उसका 
यों तमाम काम करना ॥
फाँसी पे मत चढ़ाना , 
बम से भी मत उड़ाना ,
उसे मारने का 
ख़ास-ओ-ख़ास इंतज़ाम करना ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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