*मुक्त-मुक्तक : 111 - वो ख़ुद भी कहें................


वो ख़ुद भी कहें कि 
वो दग़ाबाज़ बड़े हैं ॥
मानेंगे न लोग उनको 
दग़ाबाज़ बड़े हैं ॥
बच्चे से भी मासूम 
उनका चेहरा मोहरा ,
बिल्ली से भी मगर 
जो दग़ाबाज़ बड़े हैं ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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