*मुक्त-मुक्तक : 23 - कहाँ को गया.............



कहाँ को गया मुझसे मुँह मोड़कर वो ॥
कि कसके मेरा हाथ गह छोडकर वो ॥
निभाते – निभाते जो लीं थीं अचानक ,
कथित हर प्रतिज्ञा शपथ तोड़कर वो ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति  

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