*मुक्त-मुक्तक : 24 - डाकिये मिट गए..............


डाकिये मिट गए बेकार सब हमाम हुए ॥
जब से आए हैं सेल-फ़ोन ख़त तमाम हुए ॥
पहले महबूब से मिलके भी गल कम होती थीं ,
आज तो नेट पे ही चेट से सब काम हुए ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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