*मुक्त-मुक्तक : 46 - देकर दवाएँ नींद की.....................


देकर दवाएँ नींद की कहते हैं सोओ मत ॥ 
सुइयाँ चुभो चुभो के बोलते हैं रोओ मत ॥ 
ये किस तरह के लोग हैं करते हैं उल्टी बात ,
कहते हैं फ़स्ल पर लो फ़स्ल किन्तु बोओ मत ॥ 
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

Comments

Unknown said…
kya baat kya baat kya baat...........
Unknown said…
वाह क्या बात है!
बहुत सुन्दर मुक्तक है,बधाई
Anonymous said…
It's difficult to find knowledgeable people in this particular
topic, but you seem like you know what you're talking about!
Thanks

Here is my web site; this domain

Popular posts from this blog

विवाह अभिनंदन पत्र

विवाह आभार पत्र

मुक्तक : 946 - फूल