कविता :देखकर तुझको मेरे..........




देखकर तुझको मेरे दिल में ख़याल आए यही /
तू है जितनी खूबसूरत स्वर्ग में भी तो नहीं /
कृष्ण तझको देख लें तो भूल जाएँ राधिका /
इन्द्र तुझसे ब्याह की करने लगेंगे याचना /
सोचता हूँ देखता हूँ जब तेरे मुखड़े की ओर /
चाँद को कितना भी चाहे पर न पाएगा चकोर /
क्यों दिखाकर अपना जलवा लूटती फिरती हो दिल /
ढाँक कर चेहरा ही रक्खो तो भी हों कुछ कम क़तल /
तू अगर है अप्सरा तो क्यों धरा पर आई है /
आस्माँ की तू परी है क्यों उतर कर आई है /
मुझ सरीखा तो तेरे चरणों की चाटे धूल को /
देवता होगा जो चूमेगा तेरे मुख फूल को /
आदमी अदना सा मैं और स्वर्ग की तू अप्सरा /
मैं तो बस पूजा करूँगा और बस दूँगा दुआ /
इन्द्र सा कोई राम सा कोई खूबसूरत कृष्ण सा /
देखना आएगा तुझको ब्याहने कोई देवता ॥
देखना आएगा तुझको ब्याहने कोई देवता ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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