*मुक्त-मुक्तक : 45 - बस इक ख़्वाब.....................


बस इक ख़्वाब मुझ सँग 
बुनो कहते कहते ॥
मोहब्बत को मुझको 
चुनो कहते कहते ॥
न फिर भी तवज्जोह 
पायी उधर से ,
जिन्हे मर गया मैं 
सुनो कहते कहते ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

Comments

Brijesh Singh said…
Very nice!
http://voice-brijesh.blogspot.com
धन्यवाद ! Brijesh Singh जी !

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