*मुक्त-मुक्तक : 38 - जब सच्चाई कहने..................


जब सच्चाई कहने हम 
मजबूर हुए थे ॥ 
सच बदनामी की हद तक 
मशहूर हुए थे ॥ 
कहने को ही सही मगर थे 
जितने शहर के ,
मेरे सारे दोस्त 
करीबी दूर हुए थे ॥ 
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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धन्यवाद ! Dr Arun Sikarwar जी ।

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