*मुक्त-मुक्तक : 25 - किस्सों में तेज़.................

किस्सों में तेज़ कछुए से खरगोश न दौड़ा ॥ 
और कार्टून में गधे से पिछड़ता घोड़ा ॥ 
पत्थर से काँच टूटते भी सबने ही देखे ,
शीशे को तोड़ने में यहाँ फूटा हथौड़ा ॥ 
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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