*मुक्त-मुक्तक : 47 - चाहे न हो पाए ........................


चाहे न हो पाये सँग उनके 
अपना कभी भी ब्याह ॥ 
छोड़ेंगे ताउम्र न करना 
उनसे प्यार अथाह ॥ 
हमको उनकी फ़िक्र रहेगी 
सोते जगते भी ,
हमको क्या पर्वाह 
करें न वो अपनी पर्वाह ॥ 
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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