*मुक्त-मुक्तक : 44 - ज़्यादा न दूर से.................



ज़्यादा न  दूर से बड़े 

करीब से मिलें ॥

बिलकुल नहीं अमीर से 

गरीब से मिलें ॥

करने से मेहनतें तमाम 

कोशिशों से कब ,

कुछ कामयाबियाँ फ़क़त 

नसीब से मिलें ॥ 

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

Umesh Chandra said…
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Umesh Chandra said…
पंक्तियां बहुत ही सुन्दर और प्रेरणादायक है
धन्यवाद ! Umesh Chandra जी !

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