*मुक्त-मुक्तक : 41 - ग़रीबी में करारी.......................


 गरीबी में 
करारी नोट -गड्डी याद आती है ॥ 
लगी हो भूख तो 
कुत्ते को हड्डी याद आती है ॥ 
बुढ़ापे में मुझे बचपन 
कुछ ऐसे याद आता है ,
कि जैसे भीड़ में 
नंगे को चड्डी याद आती है ॥ 
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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