*मुक्त-मुक्तक : 76 - दिन रात ख़्यालों..........


दिन रात ख़यालों में 
सफर ठीक नहीं है ॥ 
हर वक्त उदासी का 
जहर ठीक नहीं है ॥ 

कह दो उसे जो दिल में है 
दुनिया जहान से ,

घुट घुट के ज़िंदगी का 
बसर ठीक नहीं है ॥ 

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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