*मुक्त-मुक्तक : 75 - जिसको बूंद न..............



जिसको बूंद न लाजिम 
उसको सरिता लिखता है ॥

गद्य न जाने उसको भी 
फिर कविता लिखता है ॥

भाग्य विधाता जब अपनी 
मस्ती में होता है ,

ब्रह्मचारियों को 
पग पग पर वनिता लिखता है ॥ 

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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