*मुक्त-मुक्तक : 73 - आँखों को जो............


आँखों को जो सुकून दे 
वो दीद दीद है ॥
चंदन का बुरादा भी दिखे 
वरना लीद है ॥
जिस ईद मिले ग़म
 वो है त्योहार मोहर्रम ,
जिस क़त्ल की रात आए ख़ुशी 
अपनी ईद है ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति  

Comments

Kailash Sharma said…
बहुत सुन्दर..
धन्यवाद ! Kailash Sharma जी !

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