*मुक्त-मुक्तक : 69 - लोग थक जातेहैं...........



 लोग थक जाते हैं हम तो
 तेज़ रफ़्तार हो गए ॥
जबसे सच तेरी मोहब्बत में 
गिरफ़्तार हो गए ॥
इस क़दर तुझसे हुए हम 
बावफ़ा ईमानदार ,
अपने से, अपनों से, 
दुनिया भर से ग़द्दार हो गए ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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