*मुक्त-मुक्तक : 68 - उसने जब माँगा .............


उसने जब माँगा मकाँ 

मैंने उसे इक घर दिया 

उसको कब तक्लीफ़ दी 

ख़ुद उसके घर जाकर दिया ॥

एक दिन मुझको ज़रूरत 

पड़ गई थी टाँग की ,

उसने भी लाकर मुझे 

इक ख़ूबसूरत पर दिया ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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