*मुक्त-मुक्तक : 62 - विवाहित हूँ..................


विवाहित हूँ मगर दिल से 
अभी तक चिर कुँवारा हूँ ॥ 
वलेकिन इश्क़--उल्फ़त को 
मैं पचपन का अठारा हूँ ॥ 
बुझाने से भड़क उठती है 
मेरी प्यास और उस पर ,
कहीं पानी नहीं मिलता 
गुटकते थूक हारा हूँ ॥ 

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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