*मुक्त-मुक्तक : 61 - इक बार बसर......................


इक बार बसर उनके साथ 
रात हमने की ॥ 
सब रात जाग जाग फ़क़त 
बात हमने की ॥ 
क़ाबू में दिल को कैसे रखा 
कुछ न पूछिए ,
बस दूर दूर रहके 
मुलाक़ात हमने की ॥ 
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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