*मुक्त-मुक्तक : 60 - आँसू न एक बूंद.................



आँसू न एक बूँद भी आँखों में लाऊँगा ॥ 
अब बात बात पर हँसूँगा मुस्कुराऊँगा ॥ 
फूले नहीं समाते जो खुश मुझको देखकर ,
कैसे मैं ख़ुद को ग़मज़दा उनको दिखाऊँगा ॥ 
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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