*मुक्त-मुक्तक : 57 - बेवफ़ा हो गई................


बेवफ़ा हो गई 
फ़िर भी तो लुभाती है मुझे ॥ 
कैसे कह दूँ न तेरी 
याद रुलाती है मुझे ॥ 
तुझसे नफ़रत करूँ 
बदला लूँ चाहूँ ख़ूब मगर ,
तेरी सूरत पे 
मोहब्बत चली आती है मुझे ॥ 
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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