*मुक्त-मुक्तक : 55 - दूर करने की जगह...............


दूर करने की जगह पास कर लिया तुमने ॥ 
मुझसे आम आदमी को ख़ास कर लिया तुमने ॥ 
क्या हुआ मुझको आठ आँसू रुलाने वाले ,
आज क्यों दर्द का अहसास कर लिया तुमने ॥ 
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Comments

Popular posts from this blog

मुक्त-ग़ज़ल : 256 - मंज़िल

मुक्त-ग़ज़ल : 257 - मक़्बरा......

मुक्त ग़जल : 254 - चोरी चोरी