*मुक्त-मुक्तक : 14 - यों मुँह पे करता.................


यों मुँह पे करता मीठी हर बात वो आकर ॥
पर पीठ पीछे करता उत्पात वो आकर ॥
मिल बैठ के इस मसले का हल नहीं दिखे ,
करता है घात पर जब प्रतिघात वो आकर ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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