*मुक्त-मुक्तक : 3 - न नम है आँख..........


न नम है आँख
 न चेहरा उदास दिखता है ॥ 
वो शख्स कैसे 
दर्दे दिल झकास लिखता है ?  
न पीता है न टुक 
वो लड़खड़ा के चलता है
  गुम अपने फिर क्यूँ 
होश-ओ-हवास लिखता है ?
-डॉ. हीरालाल प्रजापति






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