*मुक्त-मुक्तक : 11 - सख़्त उसूलों की.....................



सख़्त उसूलों की ज़ंजीरों में जकड़ा आज़ाद हूँ मैं ॥
फर्ज़ , क़ायदा-ओ-क़ानून निभाने में उस्ताद हूँ मैं ॥
ख़ूब आज़माइश झुलसाकर ठोंक-पीटकर भी करले ,
मोम नहीं हूँ आला दर्ज़े का लोहा – फ़ौलाद हूँ मैं ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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