*मुक्त-मुक्तक : 9 - चूहे सब शेर.................


चूहे सब 
शेर –ए- बब्बर की बात करते हैं ॥
जितने हारे हैं 
सिकंदर की बात करते हैं ॥
रब ने जब दी है ज़बाँ 
तब ही तो कमाल है ये ,
अंधे 
रंगीनी –ए- मंजर की बात करते हैं ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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