Pages - Menu

Disclamer

All posts are covered under copyright law . Any one who wants to use the content should take permission the author before reproducing the post in full or part in blog medium or print medium by any other way.Indian Copyright Rules

Friday, April 19, 2013

85 : मुक्त-ग़ज़ल - ग़मी में एक दिन.............

ग़मी में एक दिन खुशियाँ मनाने का चलन होगा ॥
उजालों के लिए शम्मा बुझाने का चलन होगा ॥
किया करते हैं हम जिस तरह से बर्बाद पानी को ,
कि इक दिन इक महीने में नहाने का चलन होगा ॥
यूँ ही मरती रहीं गर पेट में ही लड़कियाँ इक दिन ,
कई लड़कों से इक लड़की बिहाने का चलन होगा ॥
इसी तादाद में खाता रहा गर जानवर इंसाँ ,
किसी दिन आदमी के गोश्त खाने का चलन होगा ॥
जो रातों रात दौलत मंद अगर सब बनना चाहेंगे ,
तो नंबर दो से ही पैसा कमाने का चलन होगा ॥
तरक़्क़ी में अगर आड़े ज़मीर आता रहा यूँ ही ,
तो इस बेदार रोड़े को सुलाने का चलन होगा ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Post a Comment